भरोसे और विकास के दो बरस : यूपी की भाजपा सरकार ने तमाम क्षेत्रों में वह कर दिखाया जो एक मिसाल है

योगी आदित्यनाथ

रवरी 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिस संकल्प पत्र को लेकर उत्तर प्रदेश की जनता के बीच गई थी। वह संकल्प पत्र हमारी सोच ही नहीं अपितु प्रदेश के विकास की आत्मा भी है। मुझे प्रसन्नता होती है कि हमारी पार्टी ने चुनाव के दौरान जितने भी वायदे किए थे, सिर्फ 24 महीने में उनमें से अधिकांश पूरे हो चुके हैं।

शिक्षा में गुणात्मक सुधार

किसानों की कर्ज माफी, पिछला गन्ना मूल्य भुगतान, न्यूनतम समर्थन मूल्य सीधे किसानों के खाते में, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, गुंडाराज और भ्रष्टाचार की समाप्ति, शिक्षा में गुणात्मक सुधार, हर गरीब को आवास, स्वच्छ भारत मिशन में हर परिवार को शौचालय, प्रमुख सांस्कृतिक नगरों को पर्यटन के मुख्य केंद्र के तौर पर विकसित करने जैसे कई संकल्प हमारी सरकार पूरे कर चुकी है।

सत्ता में आने के पहले

19 मार्च 2017 को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के पहले तक प्रदेश में अराजकता, असुरक्षा एवं किस्म-किस्म के घोटालों और नियुक्तियों में धांधली का बोलबाला था। ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर रिश्वतखोरी एक उद्योग बन चुका था। शिक्षा माफिया हावी थे। माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था, जिसकी वजह से पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। सत्ता संरक्षण पाए अपराधियों के कारण कैराना और कांधला जैसे कस्बों से सैकड़ों परिवार पलायन कर रहे थे।

जीरो टॉलरेंस की नीति

हमारी सरकार द्वारा अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और पुलिस की कार्यप्रणाली में राजनीतिक हस्तक्षेप समाप्त किया गया। परिणाम यह है कि बीते दो बरस में प्रदेश में कोई भी दंगा नहीं हुआ। अपहरण और एसिड अटैक की कोई घटना नहीं हुई। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई 3454 मुठभेड़ों में 7975 अपराधी गिरफ्तार हुए, 1002 अपराधी घायल हुए और 73 मारे गए। 11,981 अपराधियों ने जमानत निरस्त कराकर आत्मसमर्पण कर दिया। इस बीच दुखद यह रहा कि इस मुहिम में हमारी पुलिस के पांच बहादुर जवान भी शहीद हुए। अब राज्य में कानून का राज कायम है। संगठित अपराधों पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। 18000 से अधिक भूमाफिया एवं अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के द्वारा अवैध रूप से अर्जित लगभग हजारों करोड़ रुपये मूल्य की संपति जब्त की गई है। महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर सख्ती से अंकुश लगाने हेतु हर जिले में पहली बार एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया।

कुशल वित्तीय प्रबंधन

वर्ष 2016-17 में राज्य का राजकोषीय घाटा, जीडीपी का 4.5 प्रतिशत था। हमारी सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन से वर्ष 2017-18 में यह घाटा जीडीपी का 2.97 प्रतिशत हो गया। पूर्ववर्ती सरकार का राजस्व अधिशेष 1.6 प्रतिशत था, जबकि हमारी सरकार में यह अधिशेष बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गया है। 341 किमी. लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे मेरठ को पूर्वी भाग प्रयागराज से जोड़ने के लिए 600 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 380 किमी लंबे झांसी-चित्रकूट-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन बनाने के कार्य की स्वीकृति के साथ साथ राज्य में 1,16,392 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है। 3700 किमी लंबे मार्ग का नवीनीकरण हो या फिर ग्रामीण इलाके में 4577 किमी सड़क निर्माण, सरकार ने दो साल में यह करके दिखाया। वायु परिवहन को भी बेहतर किया है।

आयुष्मान भारत

प्रदेश में आयुष्मान भारत के तहत 6 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की निशुल्क चिकित्सा बीमा सुविधा दी जा रही है। गैर बीपीएल आबादी के 55 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया है। 2329 उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड किया गया है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश के 10 जिलों में 50 बेड के एकीकृत अस्पताल खोलने का काम शुरू हुआ है। महिला सशक्तीकरण के तहत उज्ज्वला योजना में महिलाओं को 1 करोड़ 12 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए है। सरकार 24 महीने में पीएम आवास योजना (शहरी) में 11 लाख से अधिक आवास स्वीकृत कर चुकी है। पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में भी 12 लाख 82 हजार आवास गरीबों के लिए मंजूर किए गए हैं। 24 महीने में 2.49 करोड़ शौचालय बनाकर बेस लाइन सर्वे के अनुसार उप्र को खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है।

जनपद मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली

पिछली सरकार द्वारा मात्र पांच वीआईपी जनपदों को बिजली दी जा रही थी। पिछले 24 महीनों में प्रदेश के 2 लाख 84 हजार मजरे रौशन किए जा चुके हैं। ‘सौभाग्य योजना’ के तहत 75 लाख से अधिक गरीब परिवारों को निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। हमारी सरकार जनपद मुख्यालय पर बिना किसी भेदभाव के 24 घंटे, तहसील मुख्यालय पर 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार द्वारा 36 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से लाखों लघु एवं सीमांत किसानों की एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी की गई है। वर्ष 2018-19 में खरीफ फसल हेतु 31 लाख किसानों का फसल बीमा किया गया, जिनमें लगभग पांच लाख प्रभावित किसानों को 364 करोड़ रुपये तक क्षतिपूर्ति की गई। वर्षों से लंबित बाणसागर परियोजना को हमने पूरा कराया। इससे कृषि सिंचित क्षेत्र 1.5 लाख हेक्टेयर बढ़ा और 1.70 लाख किसान लाभान्वित हुए।

गेहूं की सरकारी खरीद

वर्ष 2016-17 में 7.97 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की गई थी, जबकि वर्ष 2017-18 में 36.99 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद किसानों से सीधे गई। वर्ष 2018-19 में 52.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की गई और किसानों के खातों में 9231.99 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान 72 घंटे के अंदर किया गया। ऐसा ही धान खरीद में भी किया गया है। सरकार रबी विपणन वर्ष 2019-20 हेतु मूल्य समर्थन योजना के तहत 55 लाख मी. टन गेहूं खरीदेगी। सरकार ने 2011-12 से लेकर 2017-18 तक के गन्ना मूल्य बकाया 57 हजार 578 करोड़ रुपये का भुगतान डेढ़ साल में कर दिखाया है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के एक करोड़ 3 लाख किसानों को पहली किस्त दी जा चुकी है।

रोजगार का सृजन

बीते दो साल में स्टार्टअप, स्टैंड अप इंडिया योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 18490 रोजगार का सृजन किया गया। 633 रोजगार मेले आयोजित कर 1,21,194 से अधिक युवाओं को सेवा से जोड़ा है। सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाते हुए प्रदेश के 2 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरियां दी हैं। दो वर्ष में उत्तर प्रदेश में डेढ़ लाख करोड़ का औद्योगिक निवेश हुआ है। इससे कम से कम 5 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। आज प्रदेश में उद्योग के लिए बेहतर माहौल है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। सरकार ने 2018 में उप्र इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन कराया जिसमें 1045 एमओयू हस्ताक्षरित हुए। 4.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक पूंजी निवेश हो चुका है। सरकार ने पारंपरिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल को निखार कर उनके रोजगार हेतु विश्वकर्मा श्रम योजना प्रारंभ की है। 6 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण एवं मानदेय देकर लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कुंभ दर्शन

हाल में विश्व के महानतम सांस्कृतिक समागम कुंभ में देश-दुनिया के 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं-पर्यटकों ने कुंभ दर्शन किया। यह आयोजन स्वच्छता एवं सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा उतरा। कुल मिलाकर अब नए भारत के नए उत्तर प्रदेश पर हर कोई गौरव की अनुभूति कर सकता है।

                                                                                                                                                    (लेखक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैैं )
(दैनिक जागरण से साभार)