आयुष्मान भारत के अंतर्गत शीघ्र ही 5 करोड़ लाभार्थियों को पंजीकृत किया जाएगा : रविशंकर प्रसाद


सीएससी एसपीवी ने नई दिल्ली में 9 मार्च को 2 करोड़ पीएमजेएवाई और 1000 डिजिटल गांवों के उत्सव के रूप में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्यगिकी एवं कानून और विधि मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने इस आयोजन के लिए सीएससी वीएलई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में भारत के राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री ने भी सीएससी के प्रयासों की सराहना की है।

श्री रविशंकर प्रसाद ने वीएलई को अगले दो महीनों में आयुष्मान भारत में 5 करोड़ पंजीकरण पूरा करने को कहा। उन्होंने सीएससी के ग्रामीण स्तर के उद्यमियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि वे सही मायने में भारत में डिजिटल क्रांति के सूत्रधार होंगे और देश को डिजिटल और वित्तीय रूप से समावेशी समाज बनाने में सक्षम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वे सरकारी सेवाओं के वितरण को सक्षम करने में सदैव सीएससी का समर्थन करेंगे।

सीएससी एसपीवी और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश भर में सीएससी नेटवर्क के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के लिए भागीदारी की है। सीएससी इस साझेदारी के तहत लाभार्थियों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय डेटाबेस में योजना के लिए उनका नाम और उनके अधिकार की पहचान करने में मदद करेगा।

सीएससी लाभार्थियों की पहचान के सत्यापन हेतु उनके केवाईसी दस्तावेजों को स्कैन/अपलोड करने में भी मदद के साथ उनके अधिकारों का दावा भी पेश करेगा। लाभार्थियों को सीएससी के माध्यम से अपने आयुष्मान योजना कार्ड को मुद्रित करने की सुविधा भी होगी। सीएससी इस योजना के बारे में नागरिकों के बीच आवश्यक जानकारी प्रदान करेगा, ताकि अधिकतम लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।

अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में एचडीएफसी ने सीएससी एसपीवी के साथ मिलकर डिजिटल गांवों के रूप में देश भर के गांवों को बदलने और विकसित करने के लिए सहयोग किया है, जो ग्रामीण नागरिकों को जी2सी, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले 4 वर्षों में हमारे वीएलई ग्रामीण भारत के परिवर्तन के मुख्य धारक बन गए हैं। मंत्री महोदय ने कहा कि उन्हें गर्व है कि हमारे पास भारत में 67,463 महिला वीएलई हैं। श्री रविशंकर प्रसाद ने 1000 गांवों के डिजिटल रुप से सक्षम होने का भी शुभारंभ किया और डिजिटल ग्राम पहल में समर्थन के लिए एचडीएफसी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक संस्थानों की तरह से ही सीएससी बहुत जल्द ही हार्वर्ड में एक अध्ययन का विषय बन जाएगा। मंत्री महोदय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री का कहना है कि वे शासन में हर नागरिक की भागीदारी देखना चाहते हैं और वह इसे हमारे देश के गांवों में देख सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्यौगिकी मंत्रालय के आदेश के साथ सीएससी एसपीवी देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल ग्रामीण कार्यक्रम (डिजी गांव) लागू कर रहा है, जहां नागरिक, केंद्र और राज्य सरकार एवं निजी हितधारकों की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। ये डिजिटल गांव परिवर्तन कारकों के रूप में सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण उद्यमिता और आजीविका को बढ़ावा देते हैं।

इन डिजिटल गांवों के सामुदायिक केंद्रों को सौर ऊर्जा की सुविधा, एलईडी बल्ब निर्माण इकाई, सेनेटरी नैपकिन इकाई और वाई-फाई चौपाल के साथ-साथ अन्य ग्रामीण विकास पहलों से सुसज्जित किया गया है। इन गांवों में सामान्य सेवा केंद्र के रुप में जी2सी और बी2सी, बैंकिंग और बीमा, स्वास्थ्य, शिक्षा और राज्य सरकार की अन्य उपयोगिता सेवाओं के माध्यम से नियमित ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।