गठबंधन की विफल राजनीति का उदाहरण है कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार

                                                       शक्ति केंद्र कार्यकर्ता सम्मेलन, कर्नाटक

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने 21 फरवरी को अनंत विद्यानिकेतन, साई गार्डन, अवती, देवनहल्ली (कर्नाटक) में प्रदेश के तीन लोक सभा क्षेत्रों कोलार, चिक्कबल्लापुरा और तुमकुरु लोक सभा क्षेत्रों के शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया और कर्नाटक की भ्रष्टाचार कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने की अपील करते हुए केंद्र में एक बार फिर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने की अपील की। कार्यक्रम में तीन लोक सभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता, दो लोक सभा शक्ति केंद्र अध्यक्ष एवं एक लोक सभा क्षेत्र के सभी बूथ अध्यक्ष सम्मिलित हुए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कर्नाटक के विधान सभा चुनाव का जनादेश भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में था। भाजपा को सबसे अधिक सीटें मिली, लेकिन हम बहुमत से कुछ कदम दूर रह गए। उन्होंने कहा कि विडंबना देखिये कि जिसकी सबसे कम सीटें आई, उस पार्टी का नेता मुख्यमंत्री बन कर बैठा है, जबकि सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी विपक्ष में बैठी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी कहते हैं कि मैं कर्नाटक की जनता के कारण नहीं, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कृपा से मुख्यमंत्री हूं। कुमारस्वामी जी, पहले कर्नाटक की जनता को बताइये कि आपकी निष्ठा उनके प्रति है या राहुल गांधी के चरणों में है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने आप को क्लर्क सीएम कहते हैं। कांग्रेस के सिद्धारमैया सुपर सीएम बने बैठे हैं और उप-मुख्यमंत्री परमेश्वरन खुद को हाफ सीएम मानते हैं। ये ढाई सीएम वाला कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कभी भी कर्नाटक का विकास नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि गठबंधन की विफल राजनीति का उदाहरण है कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार।

विपक्ष के तथाकथित महागठबंधन पर करारा प्रहार करते हुए श्री शाह ने कहा कि विपक्ष के इस तथाकथित महागठबंधन में सबको प्रधानमंत्री बनना है। कोई एक-दूसरे को नेता नहीं मानता। यह महागठबंधन ‘मजबूर’ सरकार चाहती है, जबकि देश की जनता ‘मजबूत’ सरकार चाहती है।