भाजपा ने किया कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन        


                    राहुल गांधी का झूठ उजागर, मांगें देश से माफी

भारतीय जनता पार्टी ने राफेल मुद्दे पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने के आलोक में 16 नवंबर को देश भर में सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया और कांग्रेस पार्टी एवं श्री राहुल गांधी से उनके झूठ के लिए माफीनामे की मांग की।
राफेल पर कांग्रेस के झूठ के खिलाफ देश के हर जिले में धरना-प्रदर्शन की शुरुआत 15 नवंबर को दिल्ली से शुरू हुई थी और देश भर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने व्यापक प्रदर्शन किया और राहुल गाधी से माफी की मांग की।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री अरुण सिंह ने भुबनेश्वर, ओडिशा में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोला तो मुंबई महाराष्ट्र में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री चंद्रकांत पाटिल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाला। पटना में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री संजय जायसवाल ने धरना-प्रदर्शन में भाग लेकर कांग्रेस की पोल खोली तो लखनऊ में अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष और विधायक सुरेश तिवारी, विधायक सुरेश श्रीवास्तव और महानगर एवं जिला अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विशाल प्रदर्शन किया। जयपुर में विशाल संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ धरना दिया और श्री राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा। शिमला, चंडीगढ़, वाराणसी से लेकर कोलकाता, भोपाल और तिरुअनंतपुरम तक भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ धरना दिया और राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा। दिल्ली में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री विजय गोयल ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शनों का नेतृत्व किया और कांग्रेस पार्टी एवं राहुल गांधी के झूठ को जनता के सामने उजागर किया।

श्री राहुल गांधी से माफी की मांग करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि देश के लिए यह दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस और राहुल गांधी ने लगातार झूठ बोलते हुए देश के लोकप्रिय एवं ईमानदार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया और विश्व पटल पर भारतवर्ष को बदनाम करने की शर्मनाक कोशिश की, लेकिन माननीय सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के बाद कांग्रेस का झूठ एक बार फिर बेनकाब हो गया है।

ज्ञात हो कि 14 नवंबर 2019 को माननीय सर्वोच्च अदालत ने राफेल मुद्दे पर दायर सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। इससे पहले दिसंबर 2018 में भी सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील को सही ठहराया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने डील की निर्णय प्रक्रिया, कीमत और ऑफसेट पार्टनर के चुनाव की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की थी और स्पष्ट कहा था कि राफेल डील में कोई अनियमितता नहीं हुई है। इस निर्णय से एक बार पुनः यह स्पष्ट हुआ कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।

सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं : जगत प्रकाश नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 14 नवंबर को कहा कि भारतीय जनता पार्टी राफेल सौदे पर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करने के देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा दिए गए फैसले का स्वागत करती है। श्री नड्डा ने कहा कि इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। इस बार भी सत्य की जीत हुई है और झूठ की हार हुई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह सिद्ध हो गया है कि झूठ के पांव नहीं होते और विजय हमेशा सत्य की ही होती है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का नाम लेकर देश के लोकप्रिय और ईमानदार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी की झूठी और शर्मनाक बयानबाजी पर दायर अवमानना याचिका पर निर्णय देते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी ने जानबूझ कर बार-बार ऐसे बयान दिए और अदालत को राजनीति में घसीटा। कोर्ट ने राहुल गांधी से भविष्य में बयानबाजी में सतर्कता बरतने को भी कहा। चूंकि सजा से बचने के लिए राहुल गांधी ने सर्वोच्च न्यायालय से माफी मांग ली थी और कोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार कर ली, इसलिए राहुल गांधी सजा से बच गए अन्यथा उन पर इस बयानबाजी को लेकर भी कार्रवाई होती। सड़क से संसद तक राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने राफेल डील मामले पर देश को गुमराह करने की भरसक कोशिश की, लेकिन सच्चाई सामने आकर रहती है क्योंकि झूठ के पांव नहीं होते। राहुल गांधी को इसके लिए देश से अविलंब माफी मांगनी चाहिए। काश! राहुल गांधी देश में होते और जनता से माफी मागंते!

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का नाम लेकर देश के लोकप्रिय और ईमानदार सुप्रीम कोर्ट में राफेल सौदे को लेकर चार अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थी और इसमें मुख्यतः तीन विषयों निर्णय प्रक्रिया, डील की कीमत और ऑफसेट पार्टनर के चुनाव पर सवाल उठाये गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट फैसला दिया कि इसमें जांच की कोई जरूरत नहीं है। आजादी के बाद एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने का इतना बड़ा प्रयास पहले कभी नहीं हुआ। उससे भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि यह दुष्प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस पार्टी और उसके तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा किया गया है। कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को फटकार इस बात का सबूत है।

राहुल गांधी और कांग्रेस एंड कंपनी द्वारा जान-बूझ कर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और देश की छवि धूमिल करने के लिए किया गया एक कुत्सित प्रयास भर था और कुछ नहीं। आज दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। 2007 से 2014 तक देश की रक्षा जरूरतों से संबंधित सभी मामलों को लटका कर कांग्रेस की सोनिया-मनमोहन सरकार ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का नाम लेकर देश के लोकप्रिय और ईमानदार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने राफेल डील पर एक के बाद एक कई झूठ बोले। राफेल डील की कीमत को लेकर झूठ बोला, फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान राष्ट्रपति को कोट करते हुए झूठ बोला, डील की प्रक्रिया को लेकर झूठ बोला, ऑफसेट पार्टनर के चुनाव को लेकर झूठ बोला, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से लेकर जनता की अदालत तक, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के एक-एक झूठ का पर्दाफ़ाश हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं का हर समय अपमान ही किया है चाहे वह सुप्रीम कोर्ट हो, सीएजी हो, चुनाव आयोग हो या फिर अन्य संवैधानिक पदों की गरिमा।