भाजपा 2014 चुनावों से भी ज्यादा सीटें जीतेगी : अरुण सिंह


                                         विशेष साक्षात्कार – लोकसभा चुनाव 2019

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरुण सिंह प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की देखरेख कर रहे हैं और भाजपा मुख्यालय के प्रभारी व ओडिशा राज्य के प्रभारी भी हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पार्टी चुनावी अभियानों में गहन हिस्सेदारी की है। कमल संदेश के कार्यकारी संपादक डॉ. शिव शक्ति बक्सी ने चुनाव संबंधी मुद्दों और जमीनी हकीकत के बारे में उनसे विस्तृत बातचीत की। यहां प्रस्तुत है साक्षात्कार के प्रमुख अंश :

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आपका अनेक प्रदेशों में प्रवास हुआ है। आप पूरे देश में किस प्रकार का वातावरण देख रहे हैं? इसके पीछे क्या कारण है ?

देखिए जमीनी स्तर पर जो मैंने देखा है ‘मोदी वेव’ है। मोदी लहर है। हर व्यक्ति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2019 में प्रधानमंत्री बनाना चाहता है। लोगों में उत्साह है और विश्वास भी है। मोदी जी पुन: प्रधानमंत्री बनेंगे। आप पूछेंगे कारण। मैं कह सकता हूं कि भारतीय जनता पार्टी पहले से अधिक सीटें जीतेगी। इसका मुख्य कारण यह है कि आदरणीय नरेन्द्र भाई मोदी ने पांच साल के कार्यकाल में गरीब, किसान, जवान, महिलाएं अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। इसके साथ–साथ उन्होंने भारत का मान–सम्मान पूरे विश्व में बढ़ाया है। भारत की पहचान एक शक्तिशाली भारत के रूप में बनाई है। इस देश के 130 करोड़ लोग अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

दूसरा कारण है, भारतीय जनता पार्टी की सदस्य संख्या 11 करोड़ है और पिछले 4 वर्षों में लगातार बूथ कमेटियों का गठन, बूथ के कार्य, अलग–अलग बूथ की बैठकें हुई हैं। तीन साल से विस्तारक काम कर रहे हैं। जितना सांगठनिक काम पिछले 4 सालों में हुआ है, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित भाई शाह के नेतृत्व में, वो अभूतपूर्व रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने सभी राज्यों में कम से कम तीन–तीन बार प्रवास किया है तथा रात्रि में रुके भी हैं। बैठकें भी की हैं।

तीसरा कारण है कि इस गठबंधन का चरित्र लोगों के सामने उजागर हुआ है। यह स्वार्थ का गठबंधन है। महामिलावटी गठबंधन है और एक व्यक्ति को रोकने के लिए यह गठबंधन बनाया गया है। ऐसे गठबंधन कभी भी सफल नहीं होते हैं।

देखिए हम विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ रहे हैं। मोदी जी ने िपछले पांच वर्षों में व्यापक स्तर पर परिवर्तनकारी कार्य किए हैं और इन कार्यों का िवजन आजादी के 75वीं सालिगरह मनाते समय 2022 तक जारी रहेंगे। उन्होंने जो नए भारत की संकल्पना दी है उसको आगे लेकर के चल रहे हैं। गठबंधन नेता जो की खुद आपस में लड़ रहे हैं, आपस के नेताओं के बीच का ‘कंट्राडिक्शन’ उजागर हुआ है। इसलिए उसकी हम चिंता नहीं कर रहे हैं। गठबंधन की चिंता बिल्कुल नहीं है। हम कार्यकर्ता अपने काम में लगे हैं।

आर्थिक परफॉरमेंस में पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल को आप किस प्रकार से देखते हैं ?

देखिए, दो चीजें हैं- यदि आज 2014 की स्थिति से तुलना करें तो हम कह सकते है कि महंगाई नियंत्रण में है। उसी प्रकार से हमारा करंट एकाउंट डेफिसिट भी कंट्रोल में है। और तीसरा, सेंसेक्स भी बढ़ा है। इंट्रेस्ट रेट भी कम हुआ है पहले से। इस बार चुनाव में महंगाई कोई मुद्दा नहीं है। साथ–साथ जो भारत की रेंकिंग चाहे इज ऑफ डूइंग बिजनेस हो, ट्रांस्पेरेंसी इंटरनेशनल हो, आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक, सब हमारी तारीफ कर रहे हैं, मोदी जी की तारीफ कर रहे हैं। इसके साथ–साथ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां हमारी रेटिंग को अपग्रेड कर रही हैं। हम विश्व में छठे नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं और पांचवी बनने की ओर बढ़ रहे हैं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।

मोदी सरकार ने कई अभिनव प्रयोग किये हैं, इसका क्या प्रभाव पड़ा है ?

मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप और स्टेंड अप इंडिया के माध्यम से भारतीय उद्योगों को और काम करने वाले युवाओं एवं उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया है। उदाहरण के लिए देश में मोबाइल बनाने की पहले 2 कम्पनियां थी, अब 120 हो गई हैं। मोदी जी के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधार तेज गति से हुआ है। डिजिटल इंडिया के माध्यम से भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगी है। डिबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को सीधा पैसा जा रहा है। कई करोड़ की बचत हुई है आज तक। वहीं पर डिजिटल इंडिया के माध्यम से तुरन्त न्याय भी मिल रहा है। लोगों की समस्याओं का समाधान भी हो रहा है। एकाउंटेबिलिटी भी फिक्स हो रही है।

सभी राजनैतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि जिन राज्यों में भाजपा की स्थिति उतनी मजबूत नहीं थी, इस बार वहां भारी जन समर्थन मिल रहा है। इसे आप किस तरह से देखते हैं ?

देखिए इसका कारण यह है कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री जी ने शुरू से कहा है, पूर्व के राज्यों को पश्चिम के राज्यों की तरह देखना चाहते हैं, वहां उससे भी ज्यादा तरक्की देखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री जी के अनेक कार्यक्रमों एवं योजनाओं से पूर्वी राज्यों के लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री जी हमारे लिए बहुत कुछ करते हैं। ओडिशा के लिए उनके मन में बहुत अधिक सम्मान है। इसलिए ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी का बहुत ही अच्छा प्रदर्शन हो रहा है। वहां 19 साल का जो शासनकाल रहा है, उस शासनकाल में लोगों की मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, पढ़ाई, सिंचाई रोजगार- यह पूरी तरह से चरमरा गई है और लोगों को लगता है कि नवीन पटनायक अब राज्य का विकास नहीं कर सकते।

इसलिए भारतीय जनता पार्टी के प्रति, भाजपा सरकार बनाने के प्रति लोगों का मन बन गया है। देश में भी भाजपा सरकार और प्रदेश में भी भाजपा सरकार। इस दिशा में संगठनात्मक कार्य का भी विस्तार हुआ है। पहले पूरे प्रदेश में साढ़े चार सौ मण्डल थे, उन मण्डलों की संख्या बढ़ाकर 1000 किया गया है। छोटे मण्डल बनाए गए। इसके साथ–साथ जिलों का गठन किया गया है। मण्डल का गठन किया गया है। बूथ कमेटियों का गठन किया गया है। मण्डल स्तर पर आंदोलन हुए हैं। इस कारण स्थानीय निकायों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को 36 सीटों से बढ़कर 10 गुना ज्यादा सीटें प्राप्त हुई हैं।
ओडिशा का संगठन पहले से बहुत अधिक मजबूत और सुदृढ़ हुआ है। बूथ इकाई तक संगठन हुआ है।

इसलिए 4 वर्ष में राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के कई प्रवास ओडिशा में हुए। उन्होंने स्वयं ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ के अंतर्गत घरों के बाहर पार्टी के पोस्टर भी लगाए। मैंने पहली बार देखा की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुद पोस्टर लगाया। पार्टी की विचारधारा और पार्टी के काम को विस्तार देने का बूथ स्तर तक काम किया।

पश्चिम बंगाल में जो केन्द्र सरकार के काम हुए हैं, उससे जनता का विश्वास बढ़ा है। कुछ काम को वहां रोका गया है। कई केन्द्र की योजनाओं को लागू करने में ममता दीदी हिचकिचाती हैं। संगठन के स्तर पर वहां लगातार विस्तार का काम हो रहा है। पूरा पश्चिम बंगाल ममता दीदी से त्रस्त हैं। ममता बनर्जी जितनी हिंसा हमारे कार्यकर्ताओं पर कर रही है, उससे कार्यकर्ता और जनता में काम करने की इच्छाशक्ति और अधिक मजबूत हुई है। जनता भी अब भाजपा को सपोर्ट करती है। आज हमारा समर्थन बढ़ा है। हमारे देश का इतिहास यह है कि लोग कभी भी हिंसा को बर्दाश्त नहीं करते हैं। अहिंसा के साथ जनता चलती है। पर शायद ममता बनर्जी जी को पता नहीं, लेकिन जब 23 को रिजल्ट आएगा तो चुनाव परिणाम एकतरफा भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आने वाला है। अन्य राज्यों में भी, चाहे केरल हो, तमिलनाडु हो, भारतीय जनता पार्टी का प्रवेश होगा और नॉर्थ–ईस्ट में भी अच्छी बढ़त भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाली है।

आप पिछले चार वर्षों से प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के साथ–साथ भाजपा मुख्यालय प्रभारी भी रहे हैं। इन सब कार्यों का समन्वय आप किस प्रकार से करते हैं ?

काम करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आती है। सभी प्रकार का निर्वहन हो जाता है। सभी के कार्यों के साथ–साथ पांच–छह दिन के बाद एक या दो दिन मैं मुख्यालय पर रहता हूं और जो बकाया काम है, उन्हें निपटाता हूं।

आपने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के विषय में पूछा। मैं यही कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का इतना बड़ा व्यक्तित्व है, परन्तु संगठन के माध्यम से जो भी कार्यक्रम उनके लिए तय किये गए, किसी पर भी उन्होंने कभी कोई प्रश्नचिह्न खड़ा नहीं किया। सभी कार्यक्रम अच्छी तरह से सम्पन्न हो रहे हैं। सफलतम रूप से सभी कार्यक्रम सम्पन्न हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री जी की सभाओं में अभूतपूर्व संख्या में लोग आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात, जिस प्रकार के रिस्पोंस देखने को मिला है, उस लहर को देखने के आधार पर मैं कह सकता हूं कि पहले से, 2014 से अधिक लोकसभा सीटें भाजपा को आ रही हैं।