अतुलनीय पराक्रम एवं अदम्य शौर्य का अभिनंदन


तंकवाद के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों पर साहसिक बमबारी की है। भारतीय वायुसेना के जांबाजों की बहादुरी से पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश–ए–मोहम्मद का आतंकी ठिकाना तबाह हो गया। वायुसेना की यह साहसिक अभियान इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुका है। पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमलों में शहीद 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने दी गई है। आज पूरा देश भारतीय वायुसेना के अदम्य साहस एवं पराक्रम से गौरवान्वित है और पूरे विश्व में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई करने के भारत के अधिकार की स्वीकारा जा रहा है। हर भारतीय को पराक्रमी योद्धाओं पर आज गर्व है।

यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि पाकिस्तान न केवल आतंकियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगार बन गया है, बल्कि इन्हें पाकिस्तान के सीमापार कर आतंकी हमले करने के लिए हर प्रकार की सहायता एवं सुविधायें भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। अपने भारत विरोधी नीतियों के अंतर्गत यह लगातार जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी गुटों को खड़ा कर रहा है। इतना ही नहीं, इन आतंकियों को प्रशिक्षण, हथियार एवं अन्य साजो–समान भी यहीं से मिलता है और आइएसआई एवं पाकिस्तानी सेना की सरपरस्ती में कई ट्रेनिंग कैंप भी चलाये जा रहे हैं। आतंकी हमलों की योजना पाकिस्तान में बनती है और उसे अंजाम भारत में दिया जाता है। भारत कभी भी 26/11 मुंबई समेत उन अनगिनत आतंकी हमलों को नहीं भूल सकता, जिसमें हजारों निर्दोष अपने प्राण गंवा चुके हैं। पूरे विश्व के नेताओं एवं भारत के द्वारा बार–बार कहे जाने के बाद भी पाकिस्तान ने इन आतंकी गिरोहों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई करने की बात तो दूर, इन आतंकी गतिविधियों को खुला समर्थन देती रही है। पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को शर्मनाक समर्थन न केवल मानवता के विरुद्ध अपराध है, बल्कि अत्यंत निदंनीय भी। पाकिस्तान के इन कुकृत्यों पर किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई भारत का अधिकार है।

भारतीय सेना एवं वायुसेना ने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान तक में घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर अपने अदम्य पराक्रम एवं शौर्य का परिचय दिया है। सुरक्षा बलों का पराक्रम तब भी दिखा था, जब उरी आतंकी हमले के बाद वीर जवानों ने नियंत्रण रेखा पार कर ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ की थी तथा आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। लेकिन शायद इस कठोर कार्रवाई से भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के द्वारा लगातार समर्थन एवं सहयोग मिलने के कारण पुलवामा के आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। पूरा देश आक्रोश से भर उठा। इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले का जवाब वायुसेना ने अपने पराक्रम से दिया और बालाकोट में स्थित जैश–ए–मोहम्मद के ठिकानों को धूल में मिला दिया। पाकिस्तान के आतंकी गुटों को कड़ा पाठ तो पढ़ाया ही, साथ ही उन्हें संदेश दिया कि वे चाहे पाकिस्तान के किसी भी कोने में छिपा हो, भारत उन्हें चुन–चुन कर मारने की क्षमता रखता है। पाकिस्तान को भी यह कड़ा संदेश है कि अब उसे अपने जमीन से भारत विरोधी गतिविधियां चलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती और उसके आतंकियों के किसी प्रकार के समर्थन का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

पाकिस्तान में फल–फूल रहे आतंकियों के विरुद्ध भारत के साहसिक एवं कठोर कदम को पूरे विश्व में समर्थन मिल रहा हैं। पूर्व में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और अब ‘एयर स्ट्राईक’ के द्वारा भारत ने यह जता दिया है कि हर आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। एयर स्ट्राइक के बाद जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी हवाई हमले को करारा जवाब दिया तथा विंग कमांडर अभिनंदन की शीघ्र वापसी से विश्व में अपने प्रति बढ़ते समर्थन को भी प्रमाणित कर दिया। पाकिस्तान को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि आज भारत का नेतृत्व मजबूत इरादों वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथ में है, जो दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्ति एवं अडिग निर्णय के लिए जाने जाते हैंं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इसके सहयोगी दल सेना के अदम्य पराक्रम का भी राजनीतिकरण करने से भी नहीं चूक रहे। आज अपनी इस राजनीति में वे पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। भारतीय सेना एवं वायुसेना पर प्रश्नचिह्न खड़े करने पर पूरे देश में उनकी कठोर भर्त्सना हो रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस को इसका भयंकर परिणाम भुगतना पड़ेगा तथा जनता द्वारा इसे भारतीय राजनीति के और अधिक हाशिये पर धकेल दिया जाएगा। राष्ट्र अपने वीर सपूतों का अभिनंदन करता है जिन्होंने मां भारती की सेवा में अतुलनीय पराक्रम एवं अदम्य शौर्य का का परिचय दिया है।

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