राज्यसभा में बिल अटका कर कांग्रेस ने देश के पिछड़े वर्ग के साथ धोखा किया है: अमित शाह


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने 3 अगस्त को तिलयार कन्वेंशन सेंटर, रोहतक (हरियाणा) में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता देने के लिए राज्य सभा में लाये गए बिल में अड़ंगा लगाने के लिए कांग्रेस पर जम कर प्रहार किया।

श्री शाह ने कहा कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता दिलाने वाले बिल को राज्य सभा में अटका कर कांग्रेस ने देश के पिछड़े वर्ग के साथ धोखा किया है। ओबीसी कमीशन को मान्यता दिए जाने की मांग 1955 से लगातार हो रही थी, लेकिन आज तक किसी सरकार ने इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद यह प्रयास किया गया कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता मिले और इसके लिए हम एक बिल और संविधान संशोधन विधेयक लेकर आये। उन्होंने कहा कि लोकसभा में यह बिल पारित भी हो गया, लेकिन राज्य सभा में कांग्रेस ने इस बिल में एक ऐसा अमेंडमेंट रखा कि यदि इस अमेंडमेंट को अपनाते हैं तो पूरा विधेयक ही कानूनी पचड़े में पड़ जाएगा। इसलिए कांग्रेस के इस अमेंडमेंट को कोई स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस अमेंडमेंट पर चर्चा प्रवर समिति में पहले ही हो गई थी और प्रवर समिति के सदस्यों ने बताया था कि इस अमेंडमेंट को अपनाने से पूरा विधेयक ही कानूनी पचड़े में पड़ जाएगा और यह बिल पास नहीं हो पायेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने यह बात सदन में रिकॉर्ड पर भी रखा, लेकिन कांग्रेस ने जानबूझकर अमेंडमेंट करने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि देश का पिछड़ा वर्ग जिस सम्मान के लिए 1955 से तरस रहा था, उसे और कुछ समय तक इस सम्मान से महरूम होने के लिए विवश हो जाना पड़ा।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सभा में कांग्रेस द्वारा ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता देने वाले विधेयक में अड़ंगा लगाने की घटना के कारण कांग्रेस की पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ पिछड़ा वर्ग के कल्याण की बात करने से पिछड़े वर्ग का कल्याण नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे। कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए उन्होंने कहा कि आप पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम उठा नहीं पाए, लेकिन अगर कोई और यह कदम उठा रहा है तो आपको उसका समर्थन करना चाहिए था और ऐसी चीजें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मुझे दुःख है कि कांग्रेस पार्टी ने उच्च सदन में इस विधेयक को पास नहीं होने दिया, मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से इतना ही कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का पिछड़े वर्ग के कल्याण एवं उनके सम्मान के लिए जो कमिटमेंट है, उसमें कांग्रेस पार्टी जितने भी रोड़े अटकाए, यह बिल संसद के दोनों सदनों से पास होकर क़ानून बन कर रहेगा। अब इसको कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि मैं मीडिया के माध्यम से देश की जनता को यह बताना चाहता हूं कि कांग्रेस की जो पिछड़ा वर्ग के विकास में रोड़ा अटकाने की जो नीति है, पूरा देश उसको जान गया है। श्री शाह ने कहा, इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने सत्ता को पाने के लिए समाज के सभी वर्गों का वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया परंतु सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय को आम जनता तक पहुंचाने के लिए कभी गंभीर एवं प्रभावी उपायों को लागू नहीं किया। यही कारण है कि आज़ादी के 70 साल बाद देश के सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग को न्यायपूर्ण संस्था देने का काम जिस संविधान संशोधन के माध्यम से श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार करने जा रही थी, उसको रोकने का काम कांग्रेस ने राज्य सभा में किया।

श्री शाह ने कहा कि भाजपा हमेशा से सामाजिक समरसता के सिद्धांत पर चलती रही है। हमारे लिए हमारे लिए सामाजिक समरसता का अर्थ न्यायिक, आर्थिक और शैक्षिक – सभी तरीकों से देश के सभी वर्ग के लोगों को मजबूती देना है। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ओबीसी को संवैधानिक दर्जा देकर वंचित वर्गों को अवसरों की सुरक्षा देकर न्यायपूर्ण शासन की कल्पना की गयी थी, जिसको धोखा देकर कांग्रेस ने अटका दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार इस संविधान संशोधन के लिए कमिटेड है, आने वाले दिनों में हम इस संविधान संशोधन को दोनों सदनों में फिर से पास कराने का प्रयास जरूर करेंगे।