जुलाई, 2019 के दौरान काफी कम हुई महंगाई


                     थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर 1.08 प्रतिशत

मासिक थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर जुलाई, 2019 के दौरान 1.08 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने यह 2.02 प्रतिशत थी। इस तरह जुलाई, 2019 के दौरान महंगाई में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। वहीं, पिछले वर्ष के इसी महीने में यह 5.27 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष में अब तक क्रमिक वृद्धि के साथ मुद्रास्फीति की दर 1.08 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में क्रमिक वृद्धि के साथ मुद्रास्फीति या महंगाई दर 3.1 प्रतिशत थी। जुलाई, 2019 के दौरान ‘सभी जिंसों’ के लिए आधिकारिक थोक मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष: 2011-12=100) पिछले महीने के 121.5 अंक (अनंतिम) से 0.2 प्रतिशत घटकर 121.2 अंक (अनंतिम) रह गया।

इस दौरान फल एवं सब्जियों (5%); अंडे, मक्का एवं ज्वार (प्रत्येक 4 प्रतिशत); बाजरा, गेहूं एवं मसाले (प्रत्येक 2 प्रतिशत) और जौ, मूंग, धान, मटर/चावली, रागी एवं अरहर (प्रत्येक 1 प्रतिशत) के दाम बढ़ गए। वहीं, दूसरी ओर इस दौरान समुद्री मछली (7 प्रतिशत), चाय (6 प्रतिशत), पान के पत्ते (5 प्रतिशत), पोल्ट्री चिकन (3 प्रतिशत) और अंतर्देशीय मछली एवं उड़द (प्रत्येक 1 प्रतिशत) के दाम घट गए।

‘अखाद्य पदार्थों’ के समूह का सूचकांक पिछले महीने के 128.7 अंक (अनंतिम) से 0.1 प्रतिशत बढ़कर जुलाई, 2019 में 128.8 अंक (अनंतिम) हो गया। ऐसा मूंगफली बीज (5%); तिल के बीज एवं कपास बीज (प्रत्येक 3%); पुष्पकृषि (2 प्रतिशत) और पशुचारे, कच्चे रबर एवं अरंडी का बीज (प्रत्येक 1%) के दाम बढ़ने के कारण हुआ। उधर, सोयाबीन, कच्चा जूट, मेस्ता और सूरजमुखी (प्रत्येक 3%),नाइजर सीड (2%) और कच्ची कपास, ग्वार बीज, कुसुम (कार्डी बीज) और अलसी (प्रत्येक 1%) के दाम घट गए।

‘खाद्य उत्पादों के विनिर्माण’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 130.4 अंक (अनंतिम) से 0.4 प्रतिशत बढ़कर 130.9 अंक (अनंतिम) हो गया। ऐसा शीरे के दाम में वृद्धि होने के साथ-साथ प्रसंस्कृत तैयार खाद्य पदार्थ (4 प्रतिशत), मैदा (3 प्रतिशत) और गुड़, चावल की भूसी के तेल, सूजी एवं पाउडर मिल्क (प्रत्येक 2 प्रतिशत) और बेकरी उत्पादों, घी, गेहूं का आटा, शहद, सरसों तेल, सूरजमुखी तेल एवं नमक (प्रत्येक 1 प्रतिशत) के दाम बढ़ने के कारण हुआ।