आयुष्मान भारत योजना का शुभारम्भ

योजना में कैंसर और हृदय रोग समेत 1300 बीमारियां शामिल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितबंर को रांची, झारखंड में आयुष्मान भारत योजना यानी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) की शुरुआत की। पीएमजेएवाई का शुभारंभ करने से पहले प्रधानमंत्री ने इस योजना पर एक प्रदर्शनी का दौरा भी किया। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने चाईबासा और कोडरमा में मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला की पट्टिका का अनावरण भी किया। उन्होंने 10 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का भी उद्घाटन किया।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस योजना की शुरुआत गरीबों में गरीब और समाज के वंचित वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रति वर्ष प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की कल्पना की गई है, इससे 50 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होगा और यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या यूरोपीय संघ की आबादी के बराबर है, या अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त जनसंख्या के करीब है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के पहले हिस्से- स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र- की शुरुआत बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती पर किया गया था और दूसरा भाग- स्वास्थ्य बीमा योजना-दीन दयाल उपाध्याय की जयंती से दो दिन पहले शुरू किया गया था।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की व्यापकता के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1300 बीमारियां शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल भी इस योजना का हिस्सा होंगे।

श्री मोदी ने कहा कि 5 लाख की राशि में सभी जांच, दवा, अस्पताल में भर्ती के खर्च आदि भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इसके तहत यह पूर्व बीमारियों भी आएंगी। उन्होंने कहा कि लोग 14555 डायल करके या सेवा केंद्र के माध्यम से इस योजना के बारे में अधिक जान सकते हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन राज्यों के लिए जो पीएमजेएवाई का हिस्सा हैं, लोग इन राज्यों में से किसी भी राज्य में जा रहे हैं, तो भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह योजना एक गेम चेंजर की तरह है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया भर में मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाले लोग, आरोग्य के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को, सोशल, अर्थशास्त्र आदि के विशेषज्ञों को भारत की इस योजना पर रिसर्च करना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की इतनी बड़ी योजना जिसकी कल्पना से लेकर कार्यान्वयन करने तक की यात्रा सिर्फ 6 महीने में पूरी की गयी। साथ ही 50 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिले इसके लिए 13 हजार अस्पतालों को जोड़कर 6 महीने के भीतर इतनी बड़ी योजना आज धरती पर ले आना यह अपने आप में एक बहुत बड़ा अजूबा है।

प्रधानमंत्री ने यहां उद्घाटन किए गए 10 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि देश भर में ऐसे केंद्रों की संख्या 2300 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य आने वाले चार वर्षों के अंदर भारत में 1.5 लाख ऐसे केंद्र खोलना है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान “वहनीय हेल्थकेयर” और “निवारक हेल्थकेयर” दोनों पर क्रेन्द्रित है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पीएमजेएवाई से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों और डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य प्रदाताओं, आशा, एएनएम आदि के समर्पण के माध्यम से यह योजना सफल होगी।