धारा 371 को कोई हटा नहीं सकता, न ही ऐसी कोई मंशा है: अमित शाह


केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 20 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के 34वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरे देश में मेरा दौरा होता है, पर अरुणाचल अकेला ऐसा राज्य है जहां जय हिंद से एक दूसरे का स्वागत किया जाता है, देशभक्ति की ऐसी मिसाल देखकर हर्ष होता है। श्री शाह ने कहा कि 2014 से पहले उत्तर-पूर्व केवल भौगोलक रूप से देश के साथ जुड़ा था, पर श्री नरेंद्र मोदी ने इस हिस्से को सांस्कृतिक रूप से देश के साथ जोड़ा। पहले केवल सरकार बनाने के लिए नॉर्थ-ईस्ट की ओर देखा जाता था, लेकिन श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नॉर्थ-ईस्ट को विकसित क्षेत्र बनाने के लिए, नॉर्थ-ईस्ट को देश के सीमावर्ती क्षेत्र की अभेद दीवार बनाने के लिए और नॉर्थ-ईस्ट की संस्कृति को भारतीय संस्कृति का सौंदर्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन में पूर्वोत्तर राज्यों के लिये विशेष प्रेम है और राष्ट्र के इस महत्वपूर्ण भाग के स्थानों के महत्व को समझने के लिये हमारे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा सभी मंत्रियों को हर पखवाड़े में उत्तर पूर्वी राज्यों का दौरा करने और क्षेत्र की समस्याओं को हल करने के लिए निर्देश दिए गए। श्री मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट के जुड़ाव का जो कार्यक्रम चलाया है उसमें अरुणाचल प्रदेश का एक अलग स्थान है। यहां के जनजातियों की एक अलग विशेषता है और 27 जनजातियों और 120 उपजनजातियों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी परंपरा और संस्कृति की रक्षा करना भारत सरकार का दायित्व है और इसे कर्तव्य मानकर हम इस पर कार्य करते रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में डीडी चैनल शुरू किया गया। उनका कहना था कि एनईसी के तहत जारी होने वाले बजट का 33 परसेंट उन गांवों में खर्च किया जाएगा, जहां बिजली, गैस आदि मूलभूत सुविधाओं की कमी है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में बहुत सारी परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। उनका कहना था कि पासीघाट और ईटानगर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कार्य किया जा रहा है।

श्री शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में सड़कों के विकास के लिए 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है और 700 किमी हाइ-वे निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। श्री शाह का कहना था कि नाहरलगुन में पहला रेलवे स्टेशन बनने के बाद अरुणाचल प्रदेश को देश के रेल मानचित्र में लाया गया। विभिन्न नई रेल लाइनों के अतिरिक्त 900 किमी के मीटरगेज रेलवे लाइन को ब्राडगेज में परिवर्तित किया जा चुका है। रेल मंत्रालय राज्य में तीन रणनीतिक रेलवे लाइनों भालुकपोंग-तेंगा-तवांग, लिकाबाली से बेम और रुक्सिन तथा परशरमकुंड से होते तेजू और रुपाइ का सर्वेक्षण और जांच कर रहा है।

उनका कहना था कि भारत सरकार ने देश के हवाई नक्शे में अरुणाचल प्रदेश को लाने की दिशा में पासीघाट हवाई अड्डे का संचालन करने के अलावा, हालोंगोई हवाई अड्डे के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है, जो पिछले 12 वर्षों से अटका हुआ था। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की कड़ी में भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के जोत में नए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के स्थायी कैंपस की स्थापना के लिए अनुमान की संशोधित लागत 430.56 करोड़ को मंजूरी दी।

श्री शाह ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी जिले परियोजना के अंतर्गत नैमसाई जिले के विकास में सराहनीय प्रदर्शन किया है और आज यह जिला दूसरे जिलों को लिये प्रेरणा देने का कार्य कर रहा है। नैमसाई जिले ने मार्च 2019 में डेल्टा रैंकिंग में शिक्षा क्षेत्र में पहली रैंकिंग हासिल की। 19 स्वास्थ्य केंद्रों में से 18 को स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के रूप में अपग्रेड किया गया है और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं और जिले के लोगों तक विकासात्मक लाभ पहुंच सके इस दिशा में विशेष प्रयास किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हटाने के बाद पूरे नॉर्थ-ईस्ट में यह अफवाह फैलाई गई कि धारा 370 के साथ 371 से भी छेड़छाड़ की जाएगी, लेकिन मैं आज आश्वस्त करना चाहता हूं कि धारा 371 को कोई हटा नहीं सकता। इस तरह की अफवाह फैलाकर भारत और उत्तर-पूर्व के हिस्से के बीच में अंतर पैदा करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी कोशिश कभी सफल नहीं होगी। श्री अमित शाह ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी उत्तरपूर्व को समस्या मुक्त चाहते हैं और 2024 तक इसमें पूर्ण रूप से सफलता मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि मैं आप लोगों को पुन: विश्वास दिलाना चाहूंगा कि भारत सरकार श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश राज्य के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।