एनआरसी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा : अमित शाह


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध शरणार्थी को देश से जाने नहीं दिया जाएगा। वहीं, घुसपैठियों को भारत में रहने नहीं दिया जाएगा। एनआरसी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा।

गत 1 अक्टूंबर को नेताजी इंडोर स्टेडियम में एनआरसी पर आयोजित सेमिनार में श्री शाह ने सुश्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर एनआरसी को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में एनआरसी को लागू किया जाएगा, लेकिन उससे पहले नागरिकता (संशोधन) बिल को पास कराकर सभी हिंदू, जैन, सिख और बौद्ध शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि मैं आज यहां सभी शंकाएं दूर करने आया हूं। ममता दीदी ने कहा कि अगर एनआरसी लागू हुआ तो लाखों हिंदुओं को बंगाल छोड़ना पड़ेगा। इससे बड़ा झूठ नहीं हो सकता। मैं विश्वास दिलाता हूं, ऐसा कुछ नहीं होगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ही चार अगस्त, 2005 को संसद में घुसपैठ का मुद्दा उठाया था। केंद्र सरकार घुसपैठियों को देश से निकालने पर कृतसंकल्प है।

श्री शाह ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की वजह से ही आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। बंगाल और अनुच्छेद 370 के बीच एक खास रिश्ता है। श्यामा प्रसाद ने एक निशान, एक विधान और एक प्रधान का नारा दिया था।’

श्री शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में पहले दुर्गापूजा में मूर्ति विसर्जन के लिए कोर्ट में जाना पड़ता था। इस बार मैं यहां दुर्गापूजा में आरती करने आया हूं, अब किसी की हिम्मत नहीं है दुर्गापूजा रोकने की। वसंत पंचमी पर भी किसी की हिम्मत नहीं होगी पूजा रोकने की, क्योंकि बीते लोकसभा चुनाव में बंगाल ने भाजपा को 18 सीटें दी। यह उसी का असर है। गृहमंत्री ने पश्चिम बंगाल के लोगों से एक बार भाजपा को मौका देने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा ही सरकार बनाएगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि विश्व का कोई भी देश घुसपैठियों का बोझ लेकर तरक्की नहीं कर सकता। घुसपैठ रोकनी होगी। हम देश की सुरक्षित करने के लिए एनआरसी को लागू करना सुनिश्चित करेंगे।
सॉल्ट लेक के बीजे ब्लॉक में एक दुर्गा पूजा के उद्घाटन के मौके पर श्री अमित शाह ने सुश्री ममता बनर्जी पर हिंदू सभ्यता और संस्कृति पर रोक लगाने की कोशिश का आरोप लगाया।

उद्घाटन से पूर्व संबोधन करते हुए श्री शाह ने कहा कि अब तक पश्चिम बंगाल की स्थिति ऐसी थी कि ममता बनर्जी की सरकार दुर्गा पूजा के विसर्जन, सरस्वती पूजा पर रोक लगा देती थी। लोगों को पूजा करने के लिए कोई जाना पड़ता था लेकिन जब से पश्चिम बंगाल की जनता ने राज्य में भाजपा को 42 में से 18 सीटों पर जीत दिलाई है, उसके बाद हालात बदल गए हैं। अब किसी को भी दुर्गा पूजा करने अथवा विसर्जन के लिए कोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती। अब हर कोई आराम से पूजा करता है। उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अगले विधानसभा चुनाव के अंदर बंगाल की जनता पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन करें। उसके बाद दुर्गा पूजा हो या सरस्वती पूजा हो, रामनवमी हो या कृष्ण जन्माष्टमी, उस पर किसी तरह की कोई रोक कभी नहीं लगेगी।

उन्होंने देश की अन्य विपक्षी पार्टियों पर भी हमला करते हुए कहा कि देशभर में पूजा-पाठ करना एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति ने कई राज्यों में लोगों से यह संवैधानिक अधिकार छीना है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर सोनार बांग्ला बनकर उभरे इसके लिए सबको मिलजुल कर राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के लिए काम करना होगा। दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने के साथ ही गृहमंत्री ने राज्यवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं भी दी।