प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित कुल 73 लाख अभ्यर्थियों में से 40 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी


केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय के अनुसार पिछले चार वर्षों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत 73 लाख से भी अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। जन शिक्षण संस्थानों में यह संख्या 90 प्रतिशत से भी अधिक है।

डॉ. पांडेय ने 4 मार्च को नई दिल्ली में कहा कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने की और भी अधिक गुंजाइश है। डॉ. पांडेय ने घोषणा की कि सरकार एक नई महत्वाकांक्षी योजना लाने पर विचार कर रही है जो विश्वस्तरीय कौशल प्रदान करेगी और इसके साथ ही देश में एक कुशल श्रम बल सृजित करेगी।

डॉ. पांडेय ने कहा कि महिलाओं के लिए प्रशिक्षण केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग– 4.0 के तहत आवश्यक माने जाने वाले नए जमाने के क्षेत्रों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए विभिन्न कार्यक्रमों जैसेकि स्वच्छ भारत, आयुष्मान भारत, जन धन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मुख्यत: महिलाएं ही लाभान्वित हुई हैं।

यह उल्लेखनीय है कि सरकार अपना कौशल बढ़ाने के लिए महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दे रही है जिनमें परिवहन, क्रेच, महिला प्रशिक्षक, कामकाज में लचीलापन और अन्य बुनियादी ढांचागत सुविधाएं शामिल हैं। वैसे तो कुल आबादी में महिलाएं लगभग 50 प्रतिशत हैं, लेकिन देश में कुल श्रम बल का लगभग 27 प्रतिशत ही महिलाएं हैं। कुल श्रम बल में महिलाओं का प्रतिशत बढ़ना चाहिए। सरकार आईटीआई में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रही है और कुल 33 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में से 18 संस्थान विशिष्ट रूप से महिलाओं के लिए ही हैं।

महिलाओं का कौशल बढ़ाने पर काफी ध्यान दिया गया है और इसके अनुकूल नतीजे स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं।