पिछले चार वर्षों में स्वयं सहायता समूहों की संख्या चौगुनी : नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 जुलाई को वीडियो ब्रिज के माध्यम से देशभर के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों तथा दीनदयाल अन्त्योदय योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री के इस संवाद कार्यक्रम में विभिन्न समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक करोड़ से अधिक महिलाएं कवर की गई। प्रधानमंत्री का वीडियो कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद की शृंखला में यह नौवां संवाद था।
प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की चर्चा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह समाज के गरीब विशेषकर ग्रामीण तबकों की महिलाओं के लिए आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2011-14 की तुलना में पिछले चार वर्षों में स्वयं सहायता समूहों की संख्या चौगुनी हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यम का सृजन हो रहा है। 2011 तथा 2014 के तीन वर्षों के बीच केवल पांच लाख स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जो 52 लाख परिवारों को कवर करते थे जबकि 2014 से अतिरिक्त 20 लाख स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जिन्होंने 2.25 करोड़ परिवारों को कवर किया।

प्रधानमंत्री ने विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बातचीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सदस्य संकल्प, सामूहिक प्रयास तथा उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि महिलाएं उद्यम कर रही है, उनके पास कठिन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने की असीमित अंतर्निहित शक्ति है और उन्हें कार्य प्रदर्शन का सिर्फ मौका मिलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के योगदान के बिना अनेक क्षेत्र विशेषकर कृषि तथा डेयरी की कल्पना करना असंभव है। यह पूरे देश में महिला सशक्तिकरण की सच्ची भावना है।

श्री नरेन्द्र मोदी ने संवाद के दौरान कहा कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सभी राज्यों में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य 2.5 लाख ग्राम पंचायतों के करोड़ों गरीब परिवारों तक पहुंचना और उन्हें सतत आजीविका को अवसर प्रदान करना है। उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन में सभी राज्यों तथा अधिकारियों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देशभर में स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा अवसर प्रदान कर रही है। महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के माध्यम से 33 लाख से अधिक महिला किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। अभी ग्रामीण भारत में लगभग 5 करोड़ महिलाओं की भागीदारी के साथ 45 लाख स्वयं सहायता समूह है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीनदयाल अन्त्योदय के माध्यम से ग्रामीण युवा के कौशल विकास के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बेहतर जीवन के लिए युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से रोजगार और स्व रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 600 ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से लगभग 28 लाख युवा प्रशिक्षित किए गए है और लगगभ 19 लाख युवा को रोजगार मिला है।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करते हुए सदस्यों ने अपने अनुभवों तथा स्वयं सहायता समूहों की सफलता की कहानियों को साझा किया। प्रधानमंत्री ने इस बात की सराहना की कि किस तरह आत्मविश्वास और मजबूती के साथ गरीब महिलाओं ने सभी विपरीत परिस्थितियों से लड़ा है। महिला लाभार्थियों ने बताया कि किस तरह स्वयं सहायता समूहों ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों ने कहा कि वे अपनी सफलता गाथा फोटो और अपने विचारों के साथ नरेन्द्र मोदी एप के माध्यम से भेजें।