नेशनल हेराल्ड के नाम पर ‘एक परिवार’ द्वारा हेराफेरी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने 22 दिसंबर को पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया और नई दिल्ली के हेराल्ड हाउस पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस पार्टी एवं राहुल गांधी पर तीखा हमला किया।

श्री प्रसाद ने कहा कि हेराल्ड हाउस पर कोर्ट के आदेश से साफ हो गया है कि नेशनल हेराल्ड के नाम पर कांग्रेस पार्टी के ‘एक परिवार’ द्वारा सार्वजनिक संपत्ति यानी जमीन की चोरी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि अगर वहां अखबार के पब्लिकेशन के अलावा कोई और काम नहीं हो रहा, सिर्फ किराया वसूला जा रहा है तो फिर लीज जारी रखने का क्या मतलब है? कोर्ट के दो हफ्तों में हेराल्डि हाउस को खाली करने के आदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर सरकारी जमीन पर खड़ी लगभग 5000 करोड़ रुपये की संपत्ति को एक ट्रस्ट बनाकर कैसे महज 50 लाख रुपये में ट्रांसफर कर एक परिवार की संपत्ति के रूप में तब्दील किया जा सकता है? उन्होंने कहा कि देश की पब्लिक प्रॉपर्टी का सोनिया जी, राहुल गांधी और उनके परिवार के लोग किस तरह से दुरुपयोग करते हैं इस पर कल दिल्ली हाईकोर्ट की भी मुहर लगी है।

राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि कभी दामाद श्री कुछ लाख रुपये में सैकड़ों करोड़ों के जमीन के मालिक बन जाते हैं तो कभी सोनिया गांधी और राहुल गांधी महज कुछ लाख रुपये में हजारों करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी हथिया लेते हैं। ये कांग्रेस परिवार का स्कैम का नया बिजनेस मॉडल है।

श्री प्रसाद ने कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी द्वारा तथ्यों को छुपाने के लिए कई विरोधाभासी बयान दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित इनकम टैक्स के एक मामले में गांधी परिवार एक ओर कोर्ट में बताता है कि 2008 में ही नेशनल हेराल्ड का पब्लिकेशन बंद कर दिया गया है और सभी कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी गई है। वहीं दूसरी ओर जब हेराल्ड हाउस को खाली करने के निर्देश दिए जाते हैं तो गांधी परिवार कहता है कि विगत कुछ महीनों से पब्लिकेशन का काम चल रहा है। मतलब, स्पष्ट है कि गांधी परिवार किसी भी तरह से प्रॉपर्टी को हथियाना चाहती है, जबकि फिजिकल इंस्पेक्शन में भी पाया कि हेराल्ड हाउस में किसी भी प्रकार से अखबार के पब्लिकेशन का कोई काम नहीं हो रहा और दूसरे व्यावसायिक गतिविधियों में इसका इस्तेमाल हो रहा है।

ज्ञात हो कि हेराल्ड हाउस को तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार द्वारा समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी गई थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, जो जमीन एक काम के लिए एसोसियेट जर्नल्स लिमिटेड को एक तय समय के लिए लीज पर दी गई, उसे बिना संबंधित परमिशन के यंग इंडिया को ट्रांसफर कर दिया गया जिसके लगभग 99% शेयर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास हैं। इससे स्पष्ट है कि इतने प्राइम लोकेशन पर सरकारी प्रॉपर्टी को महज कुछ लाख में हड़पने की साजिश रची गई।
श्री प्रसाद ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने डिसीजन के पैराग्राफ 20 में कहा है कि जिस तरह से एसोसियेट जर्नल्स लिमिटेड के शेयर्स यंग इंडिया को ट्रांसफर किया गया, यह पूरी प्रक्रिया क्वेश्चनेबल है। कोर्ट ने हेराल्ड हाउस को खाली कराने के नोटिस को भी सही ठहराया है और गांधी परिवार के पिटीशन को खारिज कर दिया है।

श्री प्रसाद ने कहा कि कोर्ट के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में हम राहुल गांधी से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं:

1. राहुल गांधी हेराल्ड हाउस को खाली करने के कोर्ट के निर्णय पर जवाब दें। चूंकि कोर्ट ने प्रॉपर्टी के गांधी परिवार और दो अन्य कांग्रेसी नेताओं के मालिकाना हक़ पर भी आपत्ति जताई है तो हम चाहेंगे कि राहुल गांधी इसका भी उत्तर दें।

2. राहुल गांधी, आप देश की जनता को यह बताइये कि आपने सरकारी जमीन पर खड़ी 5000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को किस तरह एक दिखावे के ट्रस्ट के नाम पर अपने परिवार के अंदर ट्रांसफर कर लिया?

एक ओर ‘परिवार’ के दामाद श्री कुछ लाख रुपये में ही सैकड़ों करोड़ों के जमीन के मालिक बन जाते हैं तो दूसरी ओर सोनिया गांधी और राहुल गांधी महज कुछ लाख रुपये में हजारों करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी का मालिकाना हक़ प्राप्त कर लेते हैं। ये घपलों-घोटालों का कांग्रेस का कौन सा नया बिजनेस मॉडल है, इसे देश की जनता जानना चाहती है।

श्री प्रसाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस पूरे ट्रांजेक्शन की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि संपत्ति के मालिकाना हक पर कोर्ट ने जो सवाल उठाए हैं उस पर राहुल गांधी को जवाब देना होगा और इस पर चुप्पी से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्ति की लूट किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।