इनका कहना है…


इस निर्णय से सिर्फ भारत की विजय हुई है। सौहार्द से साथ में रहने की हमारी भावना की जीत हुई है। भेदभाव हमारी साझा ऊर्जा और क्षमताओं का क्षय करता है। हमारी इस महान भूमि में सभी को समाहित करने की क्षमता है, सभी के लिए सम्मान है।
– एम. वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति

मालिकाना हक सिर्फ आस्था से साबित नहीं होता है। 1856–57 तक विवादित स्थल पर नमाज पढ़ने के सुबूत नहीं हैं। हर मजहब के लोगों को संविधान में बराबर सम्मान दिया गया है।
– रंजन गोगोई, मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय

अयोध्या में अब एक भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मंदिर निर्माण में सबका सहयोग हो। यह मंदिर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वाभिमान का प्रतीक बने। मुझे खुशी है कि आंदोलन के दौरान मुझे भी भाजपा अध्यक्ष के रूप में काम करने का मौका मिला था।
– डॉ. मुरली मनोहर जोशी, पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष

हम सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। अयोध्या पर दिया गया फैसला ऐतिहासिक और युगांतकारी है। यह किसी की हार या जीत का सवाल नहीं है। हम सभी देशवासियों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें।
– राजनाथ सिंह, केंद्रीय रक्षामंत्री

यह फैसला भारत की जीत है। यह हमारी न्यायपालिका के लिए ऐतिहासिक क्षण हैं। हम फैसले का सम्मान करते हैं। अब हम फिर से शांति, सौहार्द और समझदारी का संकल्प लें। शाश्वत मूल्यों और सांस्कृतिक विरासतों के बल पर अब देश आगे बढ़ेगा।
– रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सद्भाव का वातावरण बनाए रखने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय भारतीय विधि व्यवस्था की निष्पक्षता का सजीव प्रमाण है। सभी नागरिक इस फैसले को सहजता और सद्भाव के साथ स्वीकार करें।
– योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए हम सबको आपसी सद्भाव बनाए रखना है। यह समय हम सभी भारतीयों के बीच आपसी भाईचारे, विश्वास और प्रेम का है।
– राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष

उच्चतम न्यायालय ने एक बेहद स्पष्ट और सर्वसम्मत फैसला किया है। एकमत से दिए गए इस फैसले में सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया गया। इससे उस विवाद का हल हो गया जो सदियों से अटका हुआ था। समूचा राष्ट्र इस फैसले का सम्मान करता है।
– रामविलास पासवान, लोजपा नेता

संविधान के तहत माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर आम सहमति से दिए गए ऐतिहासिक फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए। अब इस पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में ही आगे का काम होना चाहिए।
– मायावती, बसपा प्रमुख

यह निर्णय हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप और रूल ऑफ लॉ तथा प्रजातंत्र को सुदृढ़ करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। चूंकि पक्षकार निर्णय के बारे में पहले से कहते रहे हैं कि न्यायालय का निर्णय जो भी होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।
– अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सपा

काेर्ट ने जमीन हिंदू भाइयों को दे दी है और मुस्लिमों को अलग जमीन देने की बात कही है जहां वे मस्जिद बना सकते हैं। कोर्ट के फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए और कौम और मुल्क में अमन शांति के लिए मुस्लिम पक्ष को कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।
कल्बे सादिक, शिया धर्मगुरु

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड माननीय सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करता है और पूरे देश को बधाई देता है। हम भी चाहते थे कि मंदिर बने।
– सैयद वसीम रिजवी, चेयरमैन, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड