प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या 90 लाख से अधिक


47वीं केन्द्रीय मंजूरी और निगरानी समिति (सीएसएमसी) ने 4,988 करोड़ रुपये के निवेश के साथ भागीदार राज्यों के लिए 1.23 लाख मकान बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। भारत सरकार की ओर से 1,805 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता दी जाएगी।

इन प्रस्तावों की मंजूरी के साथ पीएमएवाई (शहरी)– मिशन के अंतर्गत मकानों की स्वीकृत संचयी संख्या 90 लाख मकान से ऊपर हो गई, जबकि विधिमान्य मांग 1.12 करोड़ की है। सीएसएमसी में कुल दस राज्यों ने भागीदारी की। इनमें 27,746 मकान पश्चिम बंगाल के लिए, तमिलनाडु के लिए 26,709, गुजरात के लिए 20,903, पंजाब के लिए 10,332, छत्तीसगढ़ के लिए 10,079, झारखंड के लिए 8,674, मध्य प्रदेश के लिए 8,314, कर्नाटक के लिए 5,021, राजस्थान के लिए 2,822, उत्तराखंड के लिए 2,501 मकान हैं।

अभी तक 5.54 लाख करोड़ रुपये के समग्र निवेश को मंजूरी दी गई है, जिसमें केन्द्र और राज्य सरकारों का निवेश हिस्सा 3.01 लाख करोड़ रुपये और 2.53 लाख करोड़ रुपये निजी निवेश है। केन्द्र सरकार ने 1.43 लाख करोड़ रुपये देने का वचन दिया है, जिसमें से 57,758 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

लगभग 53.5 लाख मकान बनाए जाने हैं, जिनमें से 27 लाख मकान पूरे कर लिए गए हैं। केन्द्रीय सरकार ने 2022 तक सभी के लिए घर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परियोजनाएं पूरी करने की दिशा में प्रयास करने पर बल दिया है।