आजाद भारत के इतिहास में पहली बार 100 से अधिक महिला सांसद संसद में


संसद का आगामी मानसून सत्र इस बार कई मायनों में विशेष होगा। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार 100 से अधिक महिला सांसद सत्र में शामिल होंगी। दरअसल, संसद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का एक उत्तम उदाहरण है।

  • उल्लेखनीय है कि 17वीं लोकसभा के लिए देश ने सबसे अधिक 78 महिला सदस्य चुनकर भेजा था। हाल ही में राज्यसभा में 61 नए सांसद चुने गए हैं। इनमें 4 महिला सांसद भी हैं। नई महिला सांसदों के साथ ही संसद में कुल महिला सदस्यों की संख्या 103 हो गई है। जिसमें लोकसभा में 78 और राज्यसभा में 25 महिला सांसद हैं।
  • महिला सांसदों को सदन में प्रतिशत के रूप में देखें तो लोकसभा में 14.36% और राज्यसभा में 10% से अधिक महिला सदस्य हो गई हैं। लोकसभा में 1951 से 2019 तक लगातार महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है। राज्यसभा और लोकसभा सचिवालय ऐसे कार्यक्रम की रूपरेखा बना रहे हैं, ताकि सभी 103 महिला सांसद इस ऐतिहासिक पल को महसूस कर सकें।