हम 25 में से 25 सीटें जीतेंगे : प्रकाश जावडेकर


                      विशेष साक्षात्कार – लोकसभा चुनाव 2019

केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजस्थान के चुनाव प्रभारी भी हैं। वे पिछले कई महीनों से राज्य में भाजपा की चुनावी गतिविधि की देखरेख कर रहे हैं। राजस्थान में अब चुनाव संपन्न हो चुके हैं और ‘कमल संदेश’ के एसोसिएट एडीटर विकाश आनंद ने श्री प्रकाश जावडेकर से चुनाव–प्रचार रणनीति और राज्य में भाजपा की जीत की संभावनाओं पर विस्तार से बातचीत की। यहां प्रस्तुत है साक्षात्कार के प्रमुख अंश:

हाल में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव तथा वर्तमान के लोकसभा चुनाव के लिए आप भाजपा की ओर से प्रभारी हैं। इन दोनों चुनावों में आप क्या अंतर देखते हैं ?

मेरा हमेशा यह अनुभव रहा है कि लोग हर चुनाव के विषय को अलग तरीके से देखते हैं। नेता काे अलग तरीके से देखते हैं और वोट कैसे दे इसके निर्णय करने के तौर तरीके अलग होते हैं। वैसे विधानसभा चुनाव में हमारी बहुत बड़ी हार नहीं हुई है। आधे प्रतिशत वोट का फासला रहा। डेढ़ लाख मत कम मिला, तीन वोट प्रत्येक बूथ पर कम मिले। लेकिन सच्चाई है कि कांग्रेस की सत्ता आ गई। भाजपा सरकार ने अच्छा काम करके कम्युनिकेशन नहीं किया। हम लोग चुनाव हार गए।

लेकिन लोकसभा में यह मोदी का चुनाव है। लोग मोदी को वोट देंगे। क्योंकि मोदी देश की सुरक्षा, उन्नति और मजबूती नेतृत्व के प्रतीक हैं। विधानसभा में पहले तो लोगों को लगता था कि हमारी सीट तो 30–40 आएंगी। लेकिन हमने अच्छा प्रदर्शन किया। लोकसभा में हमने बेनीवाल को जोड़ा, गुर्जर नेता किरोरी सिंह बैंसला को लिया। तो फोर्सेज को इकट्ठा किया। यदि ऐसा विधानसभा में होता तो हमारी स्थिति अलग होती।

प्रदेश में वर्तमान की कांग्रेस सरकार जनाकांक्षाओं पर खरी नहीं उतर पायी है, इसका लोकसभा चुनाव पर क्या असर पड़ेगा ?

हां, अभी तो कांग्रेस की सरकार आयी है। 4 महीने में ही जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों ने राज्य सरकार का नाम रखा है ‘वादाखिलाफी’ सरकार। उन्होंने किसान का कर्जा माफ करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में कहा कि केवल सरकारी बैंक का देंगे। 2 लाख तक देंगे। कर्जामाफी को लेकर शर्त पर शर्त लगाते गए जिससे लोगों का गुस्सा भड़क गया और दूसरी तरफ कांग्रेस बोली कि 3500 रुपए प्रत्येक बेरोजगार को देंगे, लेकिन एक भी बेरोजगार को नहीं मिला। यहां तक कि भामाशाह योजना के अंतर्गत 3 लाख तक होने वाले मुफ्त इलाज को बंद कर दिया। आयुष्मान भारत लाने नहीं दिया। जो किसान सम्मान के अंतर्गत मोदी जी 6000 खाते में डाल रहे हैं वो लाने नहीं दिया और इस तरह का सारे विकास कार्यों को रोक दिया है। इससे लोगों में आक्रोश है जिसका परिणाम मतदान पर दिखेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभाओं में अभूतपूर्व जनभागीदारी हुई है, इसका क्या कारण आप देखते हैं ?

मोदी जी की लोकप्रियता ऐसी है कि किसी भी दस लोगों से बात करों तो आठ लोग मोदी जी का नाम लेंगे। 2014 में मोदी जी को लोगों ने आशा के साथ वोट किया था अब विश्वास के साथ कर रहे हैं।
पांच साल में लोगों ने देखा मोदी जी 24×7 काम कर रहे हैं। कोई परिवार नहीं, दिन–रात देश के लिए लगे रहते हैं। एक आदिवासी भाई ने कहा कि पहले सैनिक हमारे दुश्मन देश के हाथों पकड़े जाते थे, या तो मार दिये जाते थे या इनका िसर काट कर लाश भेजी जाती थी। लेकिन मोदी जी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं कि दुश्मन देश को हमारे सैनिक को 24 घंटे के अंदर छोड़ना पड़ा। मैं ऐसा मानता हूं इसी कारण मोदी जी के रैलियों में अद्भुत भीड़ है।

भाजपा ने राजस्थान के लिए क्या विशेष तैयारी/रणनीति बनाई थी ?

हम लोगों ने घर-घर जाएंगे हरेक घर में संवाद करेंगे की रणनीति बनाई है। और लोगों के बीच मोदी जी का संदेश सोशल मीडिया, कार्यक्रम के माध्यम से पहुंचाएंगे और दूसरे संवाद के उपलब्ध माध्यम का प्रयोग करेंगे।

चुनाव परिणामों में आप कितनी सीटों की अपेक्षा कर रहे हैं ?

हम लोग 25 में से 25 सीटें की अपेक्षा कर रहे हैं। आज कांग्रेस वाले भी मान रहे हैं कि हमारी 20–21 सीटें आ रही हैं। भले हम विधानसभा में आधे प्रतिशत से पीछे रहे, ताकि लोकसभा में 8 से 10 प्रतिशत के लीड से आगे रहेंगे।