‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के तहत 30 करोड़ श्रम दिवस रोजगार उपलब्ध कराये गए


रीब कल्याण रोजगार अभियान’ (जीकेआरए) के तहत 30 सितम्बर तक लगभग 30 करोड़ श्रम दिवस रोजगार उपलब्ध कराये गए एवं 27,000 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए गए हैं। यह अभियान प्रवासी मजदूरों, जो छह राज्यों अर्थात बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांवों में लौटे हैं, को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में कदम उठा रहा है। ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ अब इन राज्यों के 116 जिलों में आजीविका अवसरों के साथ ग्रामीणों को सशक्त बना रहा है।

इस अभियान के तहत 1,14,344 जल संरक्षण संरचनाओं, 3,65,075 ग्रामीण घरों, 27,446 पशु अहातों, 19,527 कृषि तालाबों और 10,446 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों सहित बड़ी संख्या में संरचनाओं का निर्माण किया गया है। जिला खनिज निधियों के माध्यम से 6727 कार्य आरंभ किए गए हैं, 1,662 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराये गये हैं, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कुल 17,508 कार्य आरंभ किए गए हैं और अभियान के दौरान कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के माध्यम से 54,455 प्रत्याशियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

अभी तक अभियान की सफलता 12 मंत्रालयों/विभागों एवं राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों के रूप में देखी जा सकती है जो प्रवासी मजदूरों एवं ग्रामीण समुदायों को लाभ की उच्चतर मात्रा उपलब्ध करा रही है।

जीकेआरए कोविड-19 महामारी के बाद अपने गावों में लौटने वाले प्रवासी मजदूरों तथा इसी प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित नागरिकों के लिए रोजगार एवं आजीविका अवसरों को बढ़ावा देने के लिए आरंभ किया गया था। जिन लोगों ने वापस रहने का फैसला किया, उनके लिए रोजगारों तथा आजीविकाओं के लिए दीर्घकालिक पहल के लिए एक लंबी अवधि की कार्रवाई के लिए समुचित तैयारी कर ली गई है।