कांग्रेस सीएए पर एक वर्ग विशेष के लोगों को उकसा रही है : जगत प्रकाश नड्डा


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 22 दिसंबर को इंदौर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस के रवैये पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वे इस कानून के प्रावधानों पर केवल 10 पंक्तियां बोलकर दिखाएं। श्री नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सीएए पर जनता को गुमराह करते हुए एक वर्ग विशेष के लोगों को उकसा रही है और वोट बैंक को देश से ऊपर रखकर हिंसा की आग पर राजनीति की रोटियां सेंक रही है।

सीएए के समर्थन में यहां भाजपा की तरफ से आयोजित आभार सम्मेलन में श्री नड्डा ने कहा कि मैं राहुल से कहना चाहता हूं कि वे सीएए के प्रावधानों पर केवल 10 लाइन बोल दें। वह बस दो लाइन उन प्रावधानों पर भी बोलकर दिखाएं, जिनसे तथाकथित तौर पर देश का नुकसान हो रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का नेतृत्व करने के लिए आगे आने वाले लोग बुनियादी चीजों को समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का नेतृत्व करने की चाह रखने वाले नेताओं को सीएए के बारे में बुनियादी बातें तक पता नहीं हैं।

श्री नड्डा ने कहा कि देश में पिछले एक हफ्ते के दौरान सीएए के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहंचा, लेकिन क्या राहुल गांधी ने इस नुकसान की निंदा करते हुए कोई बयान दिया। कांग्रेस और भाजपा के बीच विचारधारा की लड़ाई हो सकती है। आपकी (राहुल की) सीमित बुद्धि के कारण किसी विषय पर आपके विचार हमसे अलग हो सकते हैं, लेकिन यह कहां तक उचित है कि आप हिंसा पर एक भी शब्द नहीं बोलें।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस सवाल का भी जवाब दें कि क्या उन्होंने वर्ष 1947 में हुए भारत के विभाजन का इतिहास पढ़ा है? उनके वक्तव्यों से तो कतई नहीं लगता कि उनके दिल में देश के उस बंटवारे का कोई दर्द है जब बर्बर नरसंहार के बीच लाखों लोगों को अपनी जान की सलामती और स्त्रियों को अपनी आबरू बचाने के लिये मातृभूमि को अचानक छोड़ना पड़ा था। पड़ोसी मुल्कों से आये हिन्दू और सिख शरणार्थियों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में श्री नड्डा ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में क्या राहुल गांधी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए शरणार्थियों से मुलाकात का कोई प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा नरेन्द्र मोदी सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति से नए नागरिकता कानून की अवधारणा साकार हो सकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट शब्दों में कह चुके हैं कि मुस्लिम समुदाय के एक भी वैध नागरिक की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। श्री नड्डा ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इस विचार का सार्वजनिक तौर पर समर्थन किया था कि धार्मिक प्रताड़ना के कारण पाकिस्तान से भारत आये लोगों को भारतीय नागरिकता दी जानी चाहिए।