मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने का घटनाक्रम


पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को एक मई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया। अजहर का आतंकवादी समूह 2000 में अस्तित्व में आया था। उसने भारत में पुलवामा आतंकवादी हमले सहित कई आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी ली है।
अजहर से जुड़े मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार हैं:-

2009: भारत ने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया, जिससे उसके विश्व में कहीं भी यात्रा करने पर प्रतिबंध लग जाता, उसकी संपत्ति पर रोक लग जाती और उस पर हथियार संबंधी पांबदी भी लागू होती। लेकिन चीन ने इस कदम को रोक लगा दी।

2016: भारत ने एक बार फिर पी3 (अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस) के समर्थन के साथ संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति में अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया।

2017: पी3 देशों ने भी ऐसा ही एक प्रस्ताव पेश किया, लेकिन सुरक्षा परिषद में वीटो प्राप्त चीन ने फिर इस प्रस्ताव को पारित नहीं होने दिया।

27 फरवरी 2019: अमेरिका, ब्रिटेन फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया।

13 मार्च 2019: जैश प्रमुख को काली सूची में डालने के प्रयास को एक बार फिर चीन ने पूरा नहीं होने दिया। अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने का पिछले 10 वर्ष में यह चौथा प्रयास था।

28 मार्च 2019: अमेरिका ने फ्रांस और ब्रिटेन के समर्थन से पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूह के प्रमुख को काली सूची में डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीधे एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया।

3 अप्रैल 2019: अमेरिका की जैश प्रमुख को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए ‘‘मौजूद सभी साधनों” का इस्तेमाल करने की धमकी पर चीन ने कहा कि वॉशिंगटन मामले को उलझा रहा है और यह दक्षिण एशिया में शांति एवं स्थिरता के लिए सही नहीं है।

30 अप्रैल 2019: चीन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की प्रक्रिया में ‘‘कुछ प्रगति” हुई है और उसे उम्मीद है कि यह विवादस्पद मुद्दा ‘‘ठीक तरह से हल” होगा ।

1 मई 2019: चीन के अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव पर से रोक हटाने के बाद 1267 प्रतिबंध समिति ने अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया।