‘उत्तर-पूर्व अष्टलक्ष्मी बनने की दिशा में अग्रसर’

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने 24 मार्च को असम के वेटनरी कॉलेज मैदान, खानपारा में आयोजित बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित किया और उन्हें पार्टी की अविरल विजयगाथा का असली अधिकारी बताते हुए उनसे 2019 के आगामी लोक सभा चुनाव में नार्थ-ईस्ट की 25 में से 21 सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया। सम्मेलन में असम के सभी 25 हजार बूथ के अध्यक्षों ने भाग लिया। ज्ञात हो कि भाजपा अध्यक्ष आज संगठनात्मक दौरे पर असम में हैं, जहां वे बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करने के अलावा कई बैठकों में भाग लेंगे।

बूथ अध्यक्षों को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में मेरी पहली जिम्मेदारी बूथ अध्यक्ष की ही थी। उन्होंने कहा कि बूथ अध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफ़र किसी अन्य पार्टी में संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है जो विचारधारा के आधार पर चलती है, कार्यकर्ताओं के आधार पर चलती है और यहां छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है, प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि असम में पार्टी ने बूथ अध्यक्ष तक के सफ़र का काम पूरा कर लिया है और पन्ना प्रमुख की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि असम में हमारी पूर्ण बहुमत की सरकार है। मणिपुर में एक साल पहले ही हमारी सरकार बनी और अभी-अभी त्रिपुरा में भी पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी सरकार का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक नार्थ-ईस्ट में हमारी स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन आज मिजोरम को छोड़ कर उत्तर-पूर्व के सभी हिस्सों में भारतीय जनता पार्टी एवं सहयोगियों की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के राजनीतिक विश्लेषक नार्थ-ईस्ट में भाजपा की इस विजय गाथा का रहस्य पूछते हैं, वास्तव में मेरे बूथ अध्यक्ष ही पार्टी की जीत के अधिकारी हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 के गत लोक सभा चुनाव में उत्तर-पूर्व से भाजपा को लोक सभा की केवल 8 सीटें ही मिली थीं, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में 2019 के आगामी लोक सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नॉर्थ-ईस्ट की 25 सीटों में से कम-से-कम 21 सीटें जीतेंगी और मैं आपके भरोसे मीडिया में इस लक्ष्यांक का निर्धारण कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि नेडा (NEDA) का संगठन उत्तर-पूर्व में जिस तरह से फैलता जा रहा है, यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2014 के आम चुनाव में हमारे नेता और अब देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता के समक्ष कहा था कि यदि 2014 में हमें जनादेश मिलता है और हम सरकार बनाते हैं तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश के पूर्वी हिस्से और उत्तर-पूर्व के विकास को देश के पश्चिमी हिस्से के समकक्ष लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चार सालों में उत्तर-पूर्व में विकास की गति को तेज करने का प्रयास किया है और असम में विकास की बयार लाने का काम किया है।

श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां फूट डालो और राज करो की रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की नीतियां ‘सबका साथ, सबका विकास’ करने की रही है और इसी के कारण आज उत्तर-पूर्व विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय असम के भारत में बने रहने पर संकट उत्पन्न हो गया था, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने जिस तरह से डोकलाम में मोर्चा संभाला, उससे पूरे विश्व को एक संदेश गया कि भारत की सीमाओं को कोई छू भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने पूरे उत्तर-पूर्व के अंदर शांति के लिए विशेष प्रयास किये हैं जिसका नतीजा है कि उग्रवाद में लिप्त कई संगठनों ने सरेंडर करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन देश आजाद हुआ, अपना असम देश के चौथे नंबर का समृद्ध राज्य हुआ करता था, जबकि सर्बानंद सोनोवाल जी द्वारा राज्य की कमान संभाले जाते वक्त कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण असम देश के गरीब राज्यों में चौथे नंबर पर पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जिस प्रकार से बांग्लादेश सीमा विवाद का देश के हित में समाधान किया है, इससे पूरा उत्तर-पूर्व अष्टलक्ष्मी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व में दो बड़े पोर्ट बनाए जा रहे हंै जो पूरे नार्थ-ईस्ट के विकास को गति प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि मोदी जी के अथक प्रयासों के कारण असम में विकास दिन दुगुनी-रात चौगुनी की रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने असम में जो भ्रष्टाचार की जड़ें जमाई थीं, उसे समूल नष्ट करने का काम सर्बानंद सोनोवाल की सरकार ने किया है। इसके लिए मैं श्री सर्बानंद सोनोवाल को बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि हमने असम में चुनाव के पूर्व वादा किया था कि हम असम को आतंकवाद से मुक्त बनायेंगे और आज जब देश का स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस असम में तीन दिनों तक मनाया जाता है तो न सिर्फ असम, बल्कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे देश के अंदर आनंद की एक लहर दौड़ पड़ती है। उन्होंने कहा कि हमने असम के नागरिकों से राज्य को विदेशियों से मुक्त करने की मुहिम शुरू करने का वादा किया था, आज नेशनल सिटीजन रजिस्टर का काम जिस तरह से आगे बढ़ा है, मुझे भरोसा है कि इस कार्य को भी हम जल्द ही पूरा कर लेंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 10 वर्षों तक असम ने सोनिया-मनमोहन की यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री को चुनकर भेजा, असम के राज्यसभा के सदस्य 10 वर्षों तक इस देश के प्रधानमंत्री रहे लेकिन असम का विकास नहीं हुआ, जबकि राहुल गांधी हम पर आरोप लगाते हैं कि हमने असम के विकास के लिए इन चार वर्षों में क्या किया? उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग के दौरान जब केंद्र में और असम में दोनों जगह कांग्रेस की सरकार थी, तब असम को विकास के लिए 79,741 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में असम को 1,55,292 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं जो यूपीए सरकार की तुलना में लगभग 75 हजार करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मोदी सरकार ने असम को स्मार्ट सिटी के लिए 191 करोड़, स्वच्छ भारत अभियान के लिए 84 करोड़, अर्बन ट्रांसपोर्टेशन के लिए 99 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 400 करोड़, अमृत मिशन के लिए 591 करोड़, पर्यटन के लिए 227 करोड़, एम्स के लिए 1100 करोड़, रोड कनेक्टिविटी के लिए 15 हजार करोड़ और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 5800 करोड़ रुपये देने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि मुद्रा बैंक योजना में असम के लगभग 32 लाख लोगों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना में राज्य के 1.27 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट खोले गए हैं, 20 लाख से अधिक परिवारों को LED बल्ब उपलब्ध कराया गया है। तकरीबन 9 लाख महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी असम में लगभग 2800 गांव ऐसे थे जहां बिजली नहीं पहुंची थी, जबकि 4 सालों के अंदर 2800 में से 2732 गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, ब्रह्मपुत्र नदी पर 9 किमी लंबा ब्रिज, कौशल विकास केंद्र और बाढ़ पर नियंत्रण के लिए एक राष्ट्रीय समिति बनाकर बाढ़ से मुक्त के रास्ते निकालना – न जाने कितनी ही योजनायें राज्य के विकास के लिए मोदी जी ने शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों के अंदर हर 15 दिनों में एक-न-एक केन्द्रीय मंत्री जाते हैं, एक भी राज्य ऐसा नहीं है जहां प्रधानमंत्री स्वयं कम-से-कम दो बार न गए हों, पूर्वोत्तर का इतना दौरा आजादी के बाद शायद ही किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया है। उन्होंने कहा कि 40 साल के बाद नार्थ-ईस्ट काउंसिल की पहली बैठक शिलांग में हुई, डोनर मंत्रालय को नार्थ-ईस्ट भेजने का काम मोदीजी ने किया। उन्होंने कहा कि असम की भाजपा सरकार ने भी राज्य के विकास के लिए कई कार्य किये हैं – भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति, मुख्यमंत्री ग्राम विकास योजना, असम आदर्श ग्राम योजना, अटल अमृत अभियान, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसे ढेर सारे काम श्री सर्बानंद सोनोवाल और श्री हेमंत बिस्व सरमा ने किये हैं।

श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महज एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि संगठन के आधार पर आगे बढ़ने वाली एक विचारधारा आधारित पार्टी है। उन्होंने कहा कि हम किसी को विधायक, सांसद, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम नहीं करते, हम भारत माता को दुनिया के सर्वोच्च स्थान पर बिठाने के लिए काम करते हैं। भारतीय जनता पार्टी इसी मिशन को लेकर निकली है और मोदी जी के नेतृत्व में 2014 के बाद जितने भी चुनाव हुए, उसमें भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय हिंदुस्तान का है, दुनिया को यह संदेश देने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है। उन्होंने सभी बूथ अध्यक्षों से करबद्ध निवेदन करते हुए पन्ना प्रमुख के काम को पूरा करने का आह्वान किया, ताकि भाजपा असम के घर-घर तक पहुंच सके।