‘आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक’ को संसद की मंजूरी


संसद ने अनाज, तिलहनों, खाद्य तेलों, प्याज एवं आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से बाहर करने के प्रावधान वाले एक विधेयक को 22 सितंबर को मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने इससे संबंधित ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक’ को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे 15 सितंबर को ही पारित कर चुकी है। यह विधेयक कानून बनने के बाद इससे संबंधित अध्यादेश का स्थान लेगा।

इस संदर्भ में केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि उत्पादन, उत्पादों को जमा करने, आवागमन, वितरण एवं आपूर्ति की स्वतंत्रता से बड़े स्तर पर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में निजी एवं विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित होगा।

विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय उपभोक्ता मामलों तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि कानून के जरिये स्टॉक की सीमा थोपने से कृषि क्षेत्र में निवेश में अड़चनें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि साढ़े छह दशक पुराने इस कानून में स्टॉक रखने की सीमा राष्ट्रीय आपदा तथा सूखे की स्थिति में मूल्यों में भारी वृद्धि जैसे आपात हालात उत्पन्न होने पर ही लागू की जाएगी।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक’ राज्य सभा में पारित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। श्री नड्डा ने ट्वीट कर कहा कि कोल्ड स्टोरेज में निवेश बढ़ाने, खाद्य आपूर्ति शृंखला के आधुनिकीकरण, मूल्य स्थिरता लाने में सहायक ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक’ के राज्यसभा में पारित होने पर मैं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं व सभी राज्यसभा सांसदों को धन्यवाद देता हूं।