अब तक 20 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर सूक्ष्म सिंचाई उपलब्ध : प्रधानमंत्री

‘किसानों की आय दोगुनी करने’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20 फरवरी को दिल्ली के पूसा स्थित एनएएससी परिसर में ‘कृषि-2022: किसानों की आय दोगुनी करने’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत की। यहां पर सात विषयगत समूहों ने निम्नलिखित विषयों पर प्रस्तुतियां दीं :

-नीति एवं गवर्नेंस संबंधी सुधार

-कृषि व्यापार नीति एवं निर्यात संवर्धन, बाजार की संरचना और विपणन दक्षता

-मूल्य श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन

-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्र में स्टार्ट-अप

-सतत एवं न्यायसंगत विकास और सेवाओं को दक्षतापूर्वक उपलब्ध कराना

-पूंजीगत निवेश और किसानों के लिए संस्थागत ऋण

-पशुधन, डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन को विकास के इंजनों के रूप में बढ़ावा देना

प्रधानमंत्री ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने विशेषकर दाल उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के लिए देश के किसानों की भी भूरि-भूरि सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनगिनत समन्वित कदम उठा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने इन चार पहलुओं का उल्लेख किया: कच्चे माल की लागत घटाना, उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना, उपज की बर्बादी रोकना और आमदनी के वैकल्पिक स्रोत सृजित करना।

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केन्द्र सरकार 99 अपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें से 50 सिंचाई परियोजनाओं के इसी वर्ष पूरा हो जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक सिंचाई परियोजना के पूरा हो जाने पर किसानों की कच्चे माल संबंधी लागत घट जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए अब तक 20 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरिया की शत-प्रतिशत नीम कोटिंग से स्वयं यूरिया की भी क्षमता बढ़ गई है और इसके साथ ही उत्पादकता में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन से यह संकेत मिला है कि मृदा स्वास्थ्य कार्डों के उपयोग से जहां एक ओर रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर उत्पादन बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बजट में घोषित ‘ऑपरेशन ग्रीन्स’ से टमाटर, प्याज और आलू उगाने वाले किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि उपर्युक्त बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के साथ 22,000 ग्रामीण हाटों को उन्नत बनाया जाएगा और उन्हें ई-नाम प्लेटफॉर्म से एकीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी भूमि से 5 किलोमीटर से लेकर 15 किलोमीटर के दायरे में बाजारों से खुद को जोड़ने की सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि ऋण के लिए मंजूर की गई धनराशि बढ़ा दी गई है, ताकि किसानों को आसानी से ऋण मिल सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि अपशिष्ट को संपदा में तब्दील करने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं।