‘गुजरात की समृद्धि में सहकारी संस्थाओं का योगदान अमूल्य है’

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने 18 सितंबर को गुजरात यूनिवर्सिटी कन्वेंशन सेंटर, अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित सहकार सम्मेलन को संबोधित किया और उनसे भारतीय जनता पार्टी के मिशन गुजरात की उन्नति के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से गुजरात में सहकारी संस्थाएं राज्य के सशक्त विकास के लिए अनवरत कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में महात्मा गांधी के सहकारिता के सिद्धांत को नीचे तक ले जाने में गुजरात की सहकारी संस्थाओं ने उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात की समृद्धि में यहां की सहकारी संस्थाओं का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा गुजरात में सहकारी संस्था के बतौर अमूल ने दूध और दुग्ध उत्पादों के उत्पादन में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि अमूल का मॉडल पूरे विश्व को अचंभित करने वाला है। उन्होंने कहा कि सौ वर्षों से भी अधिक समय से सहकारी संस्थाएं उसी मजबूती के साथ गुजरात के विकास में अपना योगदान दे रही हैं, ये भी एक शोध का विषय है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमें समय-समय पर सहकारी क्षेत्रों में सुधार पर भी पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि इन क्षेत्रों की समस्याओं का उचित समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब माधुपुरा सहकारी बैंक जैसी घटनाओं से सहकारी बैंकिंग व्यवस्था टूटने की कगार पर पहुंच गई थी, तब राज्य की नरेन्द्र मोदी सरकार ने राजनैतिक इच्छाशक्ति से हिम्मत के साथ सहकारी क्षेत्र के लिए सुधार की पहल की और गुजरात का सहकारी क्षेत्र फिर से उठ खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने राज्य के सहकारी क्षेत्रों के सुधार के लिए जो मुहिम चलाई, यह उसी का परिणाम है कि आज गुजरात का सहकारी क्षेत्र मजबूत एवं सुदृढ़ है।

उन्होंने कहा कि जहां पहले सहकारी क्षेत्रों में जमाकर्ता को इंश्योरेंस नहीं मिलता था, वहीं 2010 तक उन्हें 1100 करोड़ रुपये देने में सहकारी संस्थाएं कामयाब रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने सहकारी क्षेत्रों में सुधार का परिवर्तन करने में मदद की। उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग के विकास के लिए भी मुख्यमंत्री के रूप में श्री नरेन्द्र मोदी ने कई कदम उठाये। उन्होंने कहा कि पहले केवल दक्षिणी और उत्तरी गुजरात में ही डेयरी उद्योग विकसित था, मोदी जी ने इसे सौराष्ट्र से लेकर कच्छ तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के खुली सदस्यता के सिद्धांत के आधार पर चल रहे डेयरी उद्योग आज राज्य के 10 जिलों के किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से गुजरात के हर जिले में डेयरी की सहकारी संस्थाएं बनीं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य की सहकारी संस्थाएं किसानों को 14% ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराती थी, आज केवल 1% पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सस्ते दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर किसानों को ताकत देने का काम गुजरात की नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि गुजरात की भाजपा सरकार ने राज्य के लगभग 65 हजार से अधिक सहकारी मंडियों को कम्प्यूटर दिया, मोदी सरकार ने नाबार्ड को खेती के लिए दी जाने वाली 21 हजार करोड़ रुपये की राशि को बढ़ा कर 41 हजार करोड़ रुपये कर दिया, यह अपने आप में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में भी गुजरात के विकास के लिए कई कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की यूपीए सरकार थी, तब गुजरात को विकास के लिए केवल 63,346 करोड़ रुपए मिलते थे, आज जब केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, तब गुजरात को 1,58,377 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू हो, हाइवे हो या नर्मदा योजना, हर क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के लिए काफी काम किया है।